रबी फसलो के लिए 3 नवंबर से हरदा, 5 नवंबर से सिवनी मालवा, 7 नवंबर से इटारसी और 10 नवंबर से सोहागपुर की नहरों में छोड़ा जाएगा तवा डैम से पानी।
कपिल शर्मा, 9753508589

कपिल शर्मा, हरदा एक्सप्रेस…
रबी सीजन की सिंचाई के लिए तवा परियोजना से नहरों में पानी छोड़े जाने की तारीखें तय कर दी गई हैं। संभागीय जल उपयोगिता समिति की बैठक में निर्णय लिया गया कि हरदा जिले हेतु बायीं तट मुख्य नहर से 3 नवंबर, सिवनी मालवा की नहर के लिए 5 नवंबर, इटारसी की नहर के लिए 7 नवंबर और सोहागपुर की नहर के लिए 10 नवंबर 2025 से पानी छोड़ा जाएगा। हालांकि यदि इस दौरान लगातार बारिश होती है तो इन तारीखों में परिवर्तन किया जा सकता है। यह निर्णय आयुक्त कार्यालय नर्मदापुरम में सोमवार को हुई बैठक में लिया गया, जिसकी अध्यक्षता संभागायुक्त कृष्ण गोपाल तिवारी ने की। बैठक में पुलिस महानिरीक्षक मिथिलेश कुमार शुक्ला, डीआईजी प्रशांत खरे, कलेक्टर नर्मदापुरम सोनिया मीना, एसपी साई कृष्ण एस. थोटा, सीईओ जिला पंचायत हिमांशु जैन, मुख्य अभियंता जल संसाधन विभाग राजाराम मीना, उप संचालक कृषि जे.आर. हेडाऊ, और विद्युत विभाग के जीएम विनोद सिंह भदौरिया मौजूद रहे। वहीं हरदा कलेक्टर सिद्धार्थ जैन, बैतूल कलेक्टर नरेंद्र सूर्यवंशी सहित अन्य अधिकारी वीसी के माध्यम से शामिल हुए। बैठक में मुख्य अभियंता राजाराम मीना ने बताया कि तवा डैम का जलस्तर 1949 एमसीएम है, जो 100 प्रतिशत भराव है। नहरों की सफाई का कार्य फिलहाल 50 प्रतिशत तक पूर्ण किया जा चुका है। कमिश्नर तिवारी ने निर्देश दिए कि नहरों से पानी छोड़े जाने की प्रक्रिया में बेहतर प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने जल संसाधन विभाग को निर्देशित किया कि मुख्य स्थानों पर सुरक्षा ड्यूटी, जल संसाधन कर्मी और होमगार्ड जवानों की तैनाती की जाए। उन्होंने विद्युत विभाग को यह भी निर्देश दिए कि किसान जो अस्थायी बिजली कनेक्शन नहर से पानी लेने के लिए लेते हैं, उन्हें केवल जल संसाधन विभाग की अनुमति के बाद ही जारी किया जाए। इसके अलावा सभी जिलों को निर्देशित किया गया कि नहरों में पर्याप्त जल प्रवाह सुनिश्चित करने के लिए सतत निगरानी और समुचित प्रबंधन करें। बैठक के अंत में कमिश्नर ने बैतूल कलेक्टर को निर्देश दिए कि जिले के स्थानीय डैमो से सिंचाई के लिए जल उपयोग का प्रस्ताव तैयार करें, ताकि किसानों को अधिकतम सिंचाई सुविधा मिल सके।




