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MP – हरदा जिले का एक गांव ऐसा जहा जल संकट के कारण नहीं हों रही युवाओं की शादी, आधी से ज्यादा आवादी कर चुकी पलायन।

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कपिल शर्मा, 9753508589

कपिल शर्मा, संपादक हरदा एक्सप्रेस…
जमीन जायजात और शासकीय नौकरी न होने के कारण युवाओं की शादी न होने की बात सुनी होगी लेकिन जल संकट के कारण युवाओं की शादी ना होने की बात शायद आप पहली बार सुन रहे होंगे, जी यह बिलकुल सच है। हम बात कर रहे है हरदा जिले के खिरकिया विकासखंड की ग्राम पंचायत मांदला के अंतर्गत आने वाले भिरंगी टोला गांव की जहा पर पानी की भारी कमी के कारण गांव के करीब 25 से 30 युवाओं की शादी नहीं हों पा रही, और इतना ही नहीं गांव मे जल संकट के कारण वीते 10 वर्षो मे गांव की आधी से ज्यादा आवादी पलायन कर चुकी है। आने वाले 5 वर्षो मे यह गांव पूरी तरह से खत्म हों जाएगा।

जल संकट को देखते हुए गांव की आबादी घटती जा रही है। 10 साल पहले गांव में 300 से अधिक लोग निवास करते थे, लेकिन पानी न होने से धीरे-धीरे 20 परिवारों यहां से पलायन कर चुके है। इसके बाद गांव की कुल आबादी 120 के करीब रह गई। जिले के अन्य गांवों में जहां जनसंख्या तेजी से बढ़ रही है वहीं भिरंगी की जनसंख्या आधी से भी कम रह गई है। मुख्य रूप से गांव में पानी न होने के कारण यहां पर लोग अपनी बेटी की शादी करना पसंद नहीं करते।इसके कारण 25 से 30 लोग कुंवारे हैं, जिनकी उम्र 25 से लेकर 45 साल है। शादी न होने के कारण गांव की जनसंख्या में वृद्धि नहीं हो रही है। गांव के आंगनबाड़ी केंद्र में भी कुल 8 से 10 बच्चे ही रह गएं। प्राथमिक शाला में भी विद्यार्थियों की संख्या कम है। 17 है।

ग्राम पंचायत मांदला से भिरंगी गांव की दूरी लगभग 2 किलोमीटर है। सड़क से थोड़ा अंदर बसा होने के कारण यहां मूलभूत सुविधाओं का भी अभाव बना हुआ है। जनसंख्या कम होने से शासन प्रशासन द्वारा भी इस गांव की ओर ध्यान नहीं दिया जाता, जिससे गांव मे पीने के पानी की समस्या दूर नहीं हो सकी। गांव में सबसे बड़ी समस्या है कि पीने का पानी नहीं है। वर्तमान मे गांव की आवादी करीब 120 है जिनके बिच पानी का एकमात्र साधन एक हेंडपम्प है, बाकी करीब एक किलोमीटर दूर रेलवे गेट के पास से पानी लाने को मजबूर है ग्रामीण। इस दौरान ललित गुर्जर ने बताया कि गांव में पानी न होने से खेतों से पानी लाना पड़ता है तो कभी दूसरे गांव जाकर प्लास्टिक केनों और टंकी से पानी ढोना पड़ता है। जल संकट को देखते हुए कोई भी सामाजिक व्यक्ति अपनी लड़की की शादी मुझसे करने को तैयार नहीं हुआ मजबूरन मुझे कोरकू समाज की लड़की से शादी करनी पड़ी और अब वह भी बोल रही है की यदि जल्द पानी की व्यवस्था नहीं होती है तो मै घर छोड़कर चली जाउंगी। साथ ही गांव की महिला रुखमनी बाई का कहना है की पानी नहीं होने के कारण दूर दराज से पानी लाना पड़ता है साथ ही मेरे दो बेटे है दोनों की शादी नहीं हों रही। इधर लक्ष्मी बाई का कहना है की यहां पानी की बहुत समस्या है, शादी के समय मुझे पता नहीं था की यहां पानी नहीं है, अब हम मकान छोड़कर या बेचकर दूसरी जगह जाएंगे। सुकमा बाई का कहना है की गांव मे पानी नहीं है इसलिए मेरे बेटे की शादी नहीं हों रही है जिसकी उम्र 35 साल हों गई। शासकीय प्राथमिक शाला की शिक्षिका वंदना राठौर का कहना है की स्कूल मे बच्चों की संख्या 17 है। यहां यहां हैंडपंप से पानी नहीं आ रहा है इसलिए बच्चों से अस्थाई रूप से घर से ही पानी की बॉटल बुलवा लेते है। पानी उयलब्ध कराने के लिए सरपंच सचिव को बोला तो वे बोलते है की गांव के सारे हैंडपम्प सुख गए तो हम कहा से पानी दे। यह जो खंडहर मकान आप देख रहे हैं ये ग्रामीणों के पलायन की रो-रो कर दस्ता सुना रहे है।

पलायन कर चुके लोगों के मकान हुए खंडहर

ग्राम पंचायत मांदला के सरपंच विनय कुमार मांझी का कहना है की ग्राम पंचायत मांदला के गांव भिरंगी टोले पर वर्षो से पानी की समस्या बनी हुई है पीएचई विभाग द्वारा करीब 4 साल से पाईप लाईन बिछाई जा रही है लेकिन अभी तक पूरी नहीं हुई और ना मेरे कार्यकाल तक पूरी होंगी। मै अपनी पंचायत निधि ने अगले 10 दिनों मे पानी पहुंचा दूंगा। इस मामले मे हरदा विधायक डॉ. रामकिशोर दोगने का कहना है की उस गांव मे पानी की समस्या वर्षो से बनी हुई है मैंने अपने पिछले कार्यकाल मे व्यवस्था करवा दी थी, इस बिच दूसरे विधायक ने क्या किया मुझे पता नहीं है मैने विधायक निधि से एक टेंकर दिया है उससे पानी उपलब्ध करवाएंगे। इस पुरे मामले मे लोक स्वास्थ्य यांत्रिक विभाग के कार्यपालन यंत्री पवनसुत गुप्ता का कहना है की गांव की नल जल योजना हेतु पुनः स्वीकृति के लिए शासन को भेजी गई है, स्वीकृति मिलती है यहां पर नल जल योजना का कार्य पूर्ण कर दिया जाएगा। एवं वैकल्पिक व्यवस्था हेतु गांव के पास में ही 70 से 80 मीटर की दुरी पर एक कसक का निजी स्रोत है, जिससे ग्रामीणों को पेयजल उपलब्ध कराने हेतु एक प्राकलन ग्राम पंचायत को भेजा गया है। एक से दो दिन मे उस निजी स्त्रोत से पाईप लाईन जोड़कर ग्रामीणों को पानी उपलब्ध कराया जाएगा।

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