विश्व आदिवासी दिवस पर हरदा में युवाओं ने दिखाई आदिवासी संस्कृति की झलक।
कपिल शर्मा, 9753508589

कपिल शर्मा, हरदा एक्सप्रेस….
विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर रविवार को सिनर्जी संस्थान के युवालय कार्यक्रम द्वारा हरदा केंद्र पर विशेष कार्यक्रम एवं आरंभिक प्रशिक्षण आयोजित किया गया। इसमें हरदा जिले की 10 बस्तियों से जुड़े 110 युवाओं ने सहभागिता की। कार्यक्रम में युवाओं ने आदिवासी संस्कृति, परंपराओं और सामूहिकता की झलक आदिवासी नृत्य एवं गदली के माध्यम से प्रस्तुत की। कार्यक्रम के दौरान विश्व आदिवासी दिवस मनाए जाने के उद्देश्य और उसके इतिहास की जानकारी दी गई। युवाओं को बताया गया कि 9 अगस्त को दुनिया भर में आदिवासी समुदायों की संस्कृति, पहचान, परंपराओं और अधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से यह दिवस मनाया जाता है। संयुक्त राष्ट्र ने वर्ष 1994 में 9 अगस्त को विश्व के आदिवासी लोगों का अंतरराष्ट्रीय दिवस घोषित किया था। विश्व आदिवासी दिवस के साथ आयोजित युवालय के आरंभिक प्रशिक्षण में युवाओं ने गतिविधियों के माध्यम से नेतृत्व, सहयोग, संवाद, आत्मविश्वास और संविधान के मूल्यों को समझा। प्रशिक्षण का उद्देश्य युवाओं को युवालय की कार्यप्रणाली से परिचित कराने के साथ उन्हें अपनी बात रखने, सवाल पूछने तथा अपने सपनों और क्षमताओं को पहचानने के लिए सुरक्षित एवं सहयोगी मंच उपलब्ध कराना रहा। कार्यक्रम में युवाओं ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि युवालय में वे बिना डरे अपनी बात रख सकते हैं। यहां उन्हें सीखने, अपनी पहचान बनाने और आगे बढ़ने का अवसर मिल रहा है।सिनर्जी संस्थान का युवालय कार्यक्रम युवाओं को सीखने, संवाद करने, नेतृत्व क्षमता विकसित करने और समुदाय में सकारात्मक बदलाव लाने के अवसर उपलब्ध करा रहा है। हरदा जिले की 10 बस्तियों के 110 युवाओं के साथ शुरू हुई यह पहल युवाओं के लिए नेतृत्व और सीखने की नई शुरुआत के रूप में सामने आई। कार्यक्रम के समापन पर युवाओं ने आदिवासी नृत्य एवं गदली के माध्यम से अपनी संस्कृति और सामूहिक एकता का संदेश दिया। आयोजन ने युवाओं में अपनी संस्कृति के प्रति सम्मान के साथ-साथ आत्मविश्वास और नेतृत्व की भावना को मजबूत किया।




