जान जोखिम मे डालकर अंतिम संस्कार के लिए जाते है ग्राम नजरपुरा के ग्रामीण, प्रशासन कर रहा नजरअंदाज।
कपिल शर्मा, 9753508589

कपिल शर्मा, हरदा एक्सप्रेस…
हरदा जिले की ग्राम पंचायत नजरपुरा (मोहनपुर) में मुक्तिधाम तक पहुंचने की समस्या का समाधान वीते नौ वर्षो बाद भी नहीं हो सका है। कई बार शिकायतें और मांगें किए जाने के बावजूद प्रशासन ने अब तक स्थायी व्यवस्था नहीं की। इसका खामियाजा बुधवार को एक परिवार और ग्रामीणों को उस समय भुगतना पड़ा, जब अंतिम संस्कार के लिए अजनाल नदी पैदल पार कर अर्थी को कंधों पर ले जाना पड़ा। जानकारी के अनुसार नजरपुरा निवासी सीमा टीकाराम केवट उम्र 53 का मंगलवार रात निधन हो गया। बुधवार दोपहर उनका अंतिम संस्कार करने के लिए परिजन और ग्रामीण मुक्तिधाम पहुंचे, लेकिन बीच में अजनाल नदी का तेज बहाव होने से उन्हें अर्थी को कंधों पर उठाकर सावधानीपूर्वक नदी पार करनी पड़ी। ग्रामीणों ने एक-एक कदम संभालकर नदी पार की और इसके बाद अंतिम संस्कार संपन्न कराया। ग्रामीणों ने बताया कि वर्ष 2007 की भीषण बाढ़ के बाद अजनाल नदी ने अपना मार्ग बदल लिया था। नदी की दो धाराओं ने मुक्तिधाम को दोनों ओर से घेर लिया, जिससे वह टापू जैसी स्थिति में पहुंच गया। बरसात के मौसम में जलस्तर बढ़ने पर मुक्तिधाम तक पहुंचना बेहद जोखिम भरा हो जाता है। ग्रामीणो ने बताया कि मुक्तिधाम तक रपटा या पुलिया निर्माण की मांग वर्षों से की जा रही है, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। उन्होंने प्रशासन से शीघ्र पुलिया का निर्माण कराकर इस गंभीर समस्या के समाधान की मांग की है।




