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हरदा – लापरवाह अधीक्षक हॉस्टल से रहते है गायब, बच्चे देर रात तक घूमते है बाहर।

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कपिल शर्मा, 9753508589

राहुल जोशी, टिमरनी संवाददाता…
हरदा जिले के रहटगांव क्षेत्र मे बीती रात सड़क हादसे मे सीनियर अनुचित जाति छात्रावास के दो नाबालिक छात्र घायल हो गए जिन्हे उपचार के लिए हरदा जिला अस्पताल लाया गया। अस्पताल से मिली जानकारी के अनुसार रहटगांव नगर मे स्थित सीनियर अनुसूचित जाति छात्रावास के दो छात्र जीवन पिता रामचरण उम्र 17 वर्ष जो कक्षा 11 वीं का छात्र है एवं उसका साथी मोनू पिता भीमसिंग उम्र 16 वर्ष जो कक्षा 10 वीं का छात्र है। बीती रात को करीब साढ़े 10 बजे बाहर से बाइक लेकर छात्रावास लौट रहे थे तभी एकलव्य छात्रावास के सामने से आ रहे स्कूटी चालक से टकरा गए जिसमे दोनों छात्र गंभीर रूप से घायल हो गए। दोनों घायलों को रहटगांव अस्पताल से प्राथमिक उपचार देकर हरदा जिला अस्पताल रेफर किया गया।

अब सवाल यह उठता है की छात्रावास के छात्र इतनी रात में बिना अनुमति के बाइक लेकर बाहर कैसे गए क्या इन नाबालिक छात्रों की देखरेख करने वाला कोई नहीं है और ज़ब छात्रावास मे बाइक लाना मना है तो फिर इन नाबालिक छात्रों के पास बाइक कहा से आई। इन सब बातो से छात्रावास की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठता है। हालांकि इस मामले मे छात्रावास अधीक्षक अजय चौहान का कहना है की बाइक छात्र मोनू ने अपने घर से लाया था ये दोनों छात्र बिना बताए बाहर गए थे। हॉस्टल मे एक महिला रसोईया है जो रात मे वही रूकती है। आपको बता दे की सरकार ने आदिवासी बालक बालिकाओं को दूसरे स्थान पर रहकर पढ़ाई करने मे असुविधा ना ही इसके लिए हॉस्टल की व्यवस्था की है जिसके लिए हॉस्टल अधीक्षक भी नियुक्त किये है और सभी अधीक्षको को हॉस्टल मे ही रहने के निर्देश है लेकिन वानंचाल क्षेत्र मे हॉस्टल अधीक्षक अपनी मर्जी के मालिक होते है उन्हें पता है की यहां पर रात मे कोई अधिकारी जाँच करने नहीं आएंगे जिसके चलते वे हमेशा रात मे हॉस्टल से गायब रहते है। जिससे हॉस्टल मे छात्र भी बिना किसी रोक टोक के कभी भी कही भी आ जा सकते है। हॉस्टल अधीक्षक की लापरवाही के चलते कल दो छात्र रात मे बाइक लेकर शेरसपाटा करने निकल गए और वापस लौटते समय गंभीर रूप से घायल हो गए, पर अधीक्षक को छात्रों की क्या पड़ी जो वो उनका ध्यान रखे। इस घटना क्रम के बाद कलेक्टर को हॉस्टल अधीक्षक के खिलाफ कठोर कार्यवाही करना चाहिए।

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