Skip to content

News Website

ताज़ा ख़बरें
त्योहारों पर खाद्य सुरक्षा विभाग की कार्रवाई, दूध और मिठाइयों के सैंपल लिएगांव, गरीब और किसान का कल्याण भाजपा सरकार की पहली प्राथमिकता : कमल पटेल।सतर्कता जागरूकता अभियान में 280 विद्यार्थियों ने लिया भाग, आयकर विभाग ने पांच स्कूलों के सहयोग से कराईं प्रतियोगिताएं।विधायक अभिजीत शाह के प्रयासों से घोघई नदी पुलिया निर्माण को मिली मंजूरी, 7.30 करोड़ से होगा निर्माण, विधायक ने किया भूमिपूजनआपदा मित्र प्रशिक्षण के चौथे दिन युवाओं को सर्पदंश और रस्सी की गांठों की दी जानकारी, 165 युवा वालंटियर को विशेषज्ञों ने दिया आपदा प्रबंधन का प्रशिक्षणसफाई अव्यवस्था को देख फिल्ड पर उतरे नपा उपाध्यक्ष, घंटाघर क्षेत्र मे खडे रहकर करवाई साफ – सफाई।राज्य स्तरीय शालेय टेबल टेनिस प्रतियोगिता में उत्कृष्ट विद्यालय की तीन छात्राओं का चयन, इंदौर के लिए रवाना।बैडमिंटन प्रतियोगिता के साथ महाराजा अग्रसेन जयंती समारोह का शुभारंभ।सेवा कार्यों को समर्पित रहेगा लायंस क्लब हरदा अंबर, आठ नए सदस्यों ने ली क्लब की सदस्यता।पुलिस विभाग में बड़ा फेरबदल, टिमरनी और खिरकिया SDOP के हुए तबादले।
6 Nov 2026 Harda 31°C
जागरूकता जाँच मध्यप्रदेश समस्या हरदा हादसा

हरदा – लोगो की जान जोखिम मे डालकर किया जा रहा ब्रिज का निर्माण कार्य।

3 min read
Text Size:
Share:

कपिल शर्मा, 9753508589

कपिल शर्मा, हरदा एक्सप्रेस…

हरदा जिले के टिमरनी नगर मे ओवर ब्रिज का निर्माण कार्य करवाया जा रहा है, ताकि राहगीरों को आवागमन मे आसानी हो सके। लेकिन लोगो की सुरक्षा और नियमों को ताक पर रखकर निर्माण एजेंसी द्वारा निर्माण कार्य किया जा रहा है। संबंधित ठेकेदार को लोगों की सुरक्षा की भी चिंता नहीं है। साथ ही अपने ही कर्मचारियों के सुरक्षा भी दर किनार कर किया जा रहा निर्माण कार्य। ब्रिज के दोनों तरफ से निकलने वाले लोगों की सुरक्षा का भी निर्माण एजेंसी ध्यान नहीं रख रही है। जहां से लोग निकल रहे हैं वहां ऊंचाई पर गर्डर, प्लेट, सरिया लगाने का कार्य चल रहा है। यदि कोई सामान वाहन चालक के ऊपर गिर जाए, तो जान भी जा सकती है। ओवर ब्रिज निर्माण जैसे कार्य में सुरक्षा उपकरण जैसे हेलमेट, सेफ्टी बेल्ट, और सुरक्षा जूते पहनना बहुत जरूरी होता है, ये उपकरण मजदूरों को ऊंचाई से गिरने, ऊपर से गिर रहे सामान से चोट लगने और अन्य खतरों से बचाते हैं, लेकिन संबंधित ठेकेदार द्वारा अपने ही मजदूरों की ओर ध्यान नहीं है। ब्रिज निर्माण कार्य मे लगे मजदूर बिना सुरक्षा उपकारणों के कार्य कर रहे है।

दुर्घटना की आशंका:-
बिना सुरक्षा उपकरण के काम करने से मजदूरों को चोट लगने, गिरने या यहां तक कि जान जाने की भी संभावना होती है। साथ ही, यदि कोई मजदूर ऊपर से कोई वस्तु गिराता है तो इससे राहगीरों को भी चोट लग सकती है।


अधिकारियों की भूमिका पर प्रश्न:-
स्थानीय अधिकारियों को भी निर्माण कार्य में सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करना चाहिए। उन्हें ठेकेदारों को सुरक्षा नियमों का पालन करने और मजदूरों को सुरक्षा उपकरण प्रदान करने के लिए निर्देश देना चाहिए था लेकिन ऐसा नहीं किया गया। इस मामले मे टिमरनी एसडीएम महेश बड़ोले का कहना है की आज आदेश जारी कर दिया गया है, कल से सुरक्षा की निगरानी मे कार्य होगा। वही ब्रिज निर्माण कार्य के साइड इंजिनियर शुभम यादव का कहना है की हमने प्रशासन से रूट डायवर्ट की परमिसन मांगी थी लेकिन अभी तक नहीं मिल पाई थी आज ही हमें रूट डायवर्ट की परमिसन मिल गई है कल रूट डायवर्ट करने के बाद ही कार्य किया जाएगा। साथ ही ब्रिज पर कार्य करने वाले मजदूरों को सुरक्षा उपकार उपलब्ध करवा चुके है लेकिन वे इनका उपयोग ही नहीं करते है यदि कल से वे सुरक्षा उपकरण पहनकर नहीं आते है तो उनसे कार्य नहीं करवाया जाएगा।

Add.
What do you think?

Leave a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Type the answer to confirm you are human.