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क्राइम जाँच न्याय भ्रष्टाचार मध्यप्रदेश राजनीति समस्या हरदा

भ्रष्टाचारी पूर्व सरपंच बलराम डूडी की शिकायत करने पर आदिवासी सरपंच को पद से हटाया।

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कपिल शर्मा, 9753508589

कपिल शर्मा, हरदा एक्सप्रेस…
हरदा. बेटा चुप हो जा बरना गब्बरसिंह आ जाएगा यह शोले फिल्म का डायलॉक ग्राम बिच्छापुरा पर चरितार्थ होता हैं। जहां यदि किसी ने पूर्व सरपंच के भ्रष्टाचार में साथ न देने की बात भी कही तो उसे अपने पद से हटना पड़ता हैं। वर्तमान आदिवासी भोलेभाले गरीब सरपंच को भी अपनी सरपंची शुक्रवार को गवाना पड़ गई हैं। जिस व्यक्ति पर लोकायुक्त की पूर्व से जांच लंबित हो जिले में कलेक्टर और जिला पंचायत सीईओ के समक्ष भ्रष्टाचार का प्रकरण पंजीबद्ध है, उस पर तो कोई कार्यवाही हुई नहीं। वहीं दूसरी ओर आदिवासी सरपंच ने भ्रष्टाचारी पूर्व सरपंच के खिलाफ कलेक्टर और एसपी और जिला पंचायत सीईओ से शिकायत की तो स्वंय को अपनी सरपंची गवाना पड़ गई। मामला जिले के टिमरनी विकासखंड के ग्राम बिच्छापुर का हैं जहां भ्रष्टाचारी पूर्व सरंपच बलराम डूडी द्वारा शुक्रवार को अविश्वास प्रस्ताव लाकर आदिवासी सरपंच करण सिंह टेकाम को पद से हटा दिया गया। मालूम हो कि पिछले दिनों आदिवासी सरपंच ने कलेक्टर से शिकायत कर पूर्व सरपंच बलराम डूडी से खतरा बताया था, लेकिन जिला प्रशासन ने इस आवेदन पर कार्यवाही नहीं की और ना ही आदिवासी सरपंच का साथ नहीं दिया बल्कि भ्रष्टाचारी पूर्व सरपंच के द्वारा लाये गये अविश्वास प्रस्ताव पर मुहर लगवा दी।
क्या है मामला…
वर्तमान आदिवासी सरपंच ने पूर्व सरपंच बलराम डूडी के खिलाफ कलेक्टर को शिकायती आवेदन सौपकर बताया था, कि पूर्व सरपंच मुझ पर दबाव देकर भ्रष्टाचार करवाना चाहता था वहीं फर्जी बिलों पर हस्ताक्षर कराने के लिये भी कहा था लेकिन मना करने पर उसके द्वारा मुझे सरपंच पद से हटाने की धमकी दी थी। शुक्रवार को अविश्वास प्रस्ताव लाकर मुझे पद से हटा दिया गया।
ग्राफीक की दुकान से खरीदी थी सीमेंट…
मालूम हो कि पिछले दिनों हुई शिकायत में ग्राफीक की दुकान से सीमेंट खरीदी गई थी। वहीं रुक्के पर किराने की दुकान से लाखों रुपये का सामान खरीदी थी। इसके अलावा रेत गिट्टी के फर्जी बिल लगाकर लाखों रुपये भी पूर्व सरपंच द्वारा पंचायत निधि से निकाल लिये गये थे।
आगे क्या होगा…
जयश के जिलाध्यक्ष राकेश काकोडिया ने जानकारी देते हुए बताया कि आदिवासी सरपंच के साथ किया गया यह कृत्य निदंनीय हैं। हम इसकी निंदा करते है। आदिवासियों पर हो रहे अत्याचार के खिलाफ हम हमेशा से खड़े रहे हैं। इस मामले में यथोचित कार्यवाही करते हुए ग्राम पंचायत बिच्छापुर से लगाकर जिला मुख्यालय होते हुए सीएम हाउस तक का घेराव किया जाएगा।

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